About Us

A Journey of Service, Organization & Dedication

उत्तराखण्ड क्षत्रिय कल्याण समिति, देहरादून एक पंजीकृत सामाजिक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 2001 में समाज को संगठित करने, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई।

“अपनों के लिए समर्पण” के मूल भाव के साथ समिति समाज के विकास, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और जरूरतमंद परिवारों के सहयोग के लिए निरंतर प्रयासरत है।

One Organization, One Purpose, One Dedicated Effort

समिति का मूल उद्देश्य समाज को एक सशक्त एवं संगठित मंच प्रदान करना है, जहाँ सामाजिक एकता, सहयोग, जागरूकता और जनकल्याण को प्राथमिकता दी जाए।

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Our History

2000–2001

संस्था के गठन की विचारधारा एवं प्रारंभिक प्रयास।

07 January 2001

श्री जयमल सिंह असवाल जी की अध्यक्षता में प्रथम बैठक आयोजित हुई, जिसमें 97 समाज बंधुओं ने भाग लिया।

07 November 2001

समिति का सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के अंतर्गत विधिवत पंजीकरण हुआ।

Our Vision

Our Mission

हमारी दृष्टि समाज के कल्याण के साथ-साथ समाज की प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना है। समिति ऐसे सामाजिक वातावरण के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जहाँ एकता, सहयोग और सामूहिक प्रगति को बढ़ावा मिले।

समिति का मिशन समाज में एकात्म भाव जागृत करना, सामाजिक रूढ़ियों एवं कुप्रथाओं का उन्मूलन करना तथा निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करना है। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में समाजोपयोगी योजनाओं का संचालन करके समिति समाज के विकास और कल्याण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Our Objectives

Social Reform

सामाजिक रूढ़ियों, कुरीतियों एवं असमानताओं को दूर करने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देना।

Organization & Unity

समाज के लोगों को एकजुट कर आपसी सहयोग, भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करना।

Holistic Development

समाज के सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के लिए निरंतर प्रयास करना।

Public Awareness

समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जिम्मेदारी एवं जनकल्याण से संबंधित जागरूकता को बढ़ावा देना।

Our Commitment

हम एक ऐसे समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं जो संगठित हो, जागरूक हो, अपनी प्रतिभाओं को पहचानता हो और जरूरतमंदों के साथ खड़ा हो।

सेवा • एकता • संस्कार • प्रगति

“अपनों के लिए समर्पण”